Saturday, December 7, 2019
मात्र एक फल का पेड़ करेगा इन बीमारियों का इलाज

मात्र एक फल का पेड़ करेगा इन बीमारियों का इलाज

 

 

दोस्तों एक फल करेगा 40 बीमारियों का इलाज। जी हाँ सही सुना, हमारे बीच एक ऐसा फल है जो कई बीमारियों को हमारे शरीर से दूर भगा देता है। दोस्तों इस फल का नाम अंजीर है और यह फल अफगानिस्तान में मुख्य रूप से पाया जाता है। हमारे देश में बंगलूर, सूरत, कश्मीर, उत्तर-प्रदेश, नासिक तथा मैसूर में यह यह फल ज्यादा पैदा होता है।

 

अंजीर में हैं ये गुण

 

अंजीर बड़ा ही कारगर पौधा होता है। कच्चे फल की सब्जी बनती है और इसके बीजों से तेल निकाला जाता है। खाने में यह मीठा होता है। अंजीर के सेवन से मन प्रसन्न रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार अंजीर के रासायनिक गुणों का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि इसके सूखे फल में कार्बोहाइड्रेट (शर्करा) 63 प्रतिशत, प्रोटीन 5.5 प्रतिशत, सेल्यूलोज 7.3 प्रतिशत, चिकनाई एक प्रतिशत, खनिज लवण 3 प्रतिशत, अम्ल 1.2 प्रतिशत, राख 2.3 प्रतिशत और जल 20.8 प्रतिशत होता है। इसके अलावा प्रति 100 ग्राम अंजीर में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लोहा, विटामिन `ए´ 270 आई.यू., थोड़ी मात्रा में चूना, पोटैशियम, सोडियम, गंधक, फास्फोरिक एसिड और गोंद भी पाया जाता है। यह फल हमारे शरीर से कई बीमारियों को बाहर फैंक देता है आईये जानते हैं उन बिमारियों के नाम जिसके हो जाने पर हमें अंजीर का सेवन करना लाभकारी होता है

 

ये हैं वो बीमारियां

 

1. कब्ज- अगर आपको कब्ज की समस्या है तो अंजीर का सेवन बेहद लाभकारी माना जाता है।

 

2. दमा- दमा जिसमें कफ (बलगम) निकलता हो उसमें अंजीर खाना लाभकारी है। इससे कफ बाहर आ जाता है तथा रोगी को शीघ्र ही आराम भी मिलता है।

 

3. प्यास की अधिकता- बार-बार प्यास लगने पर अंजीर का सेवन करें।

 

4. मुंह के छाले- अंजीर का रस मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है।

 

5. प्रदर रोग- अंजीर का रस 2 चम्मच शहद के साथ प्रतिदिन सेवन करने से दोनों प्रकार के प्रदर रोग नष्ट हो जाते हैं।

 

6. दांतों का दर्द- अंजीर का सेवन करने से दांतों का दर्द दूर हो जाता है।

 

7. पेशाब का अधिक आना- 3-4 अंजीर खाकर, 10 ग्राम काले तिल चबाने से यह कष्ट दूर होता है।

 

8. मुंहासे- कच्चे अंजीर का दूध मुंहासों पर 3 बार लगाएं।

 

9. त्वचा रोग- अंजीर को खाने से दाद, दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और चमड़ी के सारे रोग ठीक हो जाते है।

 

10. दुर्बलता- पके अंजीर का सेवन 40 दिनों तक नियमित करने से शारीरिक दुर्बलता दूर हो जाती है।

 

11. रक्तवृद्धि और शुद्धि हेतु- 10 मुनक्के और 5 अंजीर 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर खा लें। फिर ऊपर से उसी दूध का सेवन करें। इससे रक्तविकार दूर हो जाता है।

 

12. पेचिश और दस्त- अंजीर का काढ़ा पीने से दस्त और पेचिश की समस्या से निजात मिलती है।

 

13. खून की कमी- अंजीर से शरीर में खून बढ़ता है। अंजीर की जड़ और डालियों की छाल का उपयोग औषधि के रूप में होता है।

 

14. जीभ की सूजन- सूखे अंजीर का काढ़ा बनाकर उसका लेप करने से गले और जीभ की सूजन पर लाभ होता है।

 

15. पुल्टिश- ताजे अंजीर कूटकर, फोड़े आदि पर बांधने से शीघ्र आराम होता है।

 

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