Saturday, December 7, 2019
छाछ के फायदे

छाछ के फायदे

छाछ वास्तव में एक हल्का तरल पेय पदार्थ है जो दही को मथ कर बनाया जाता है। छाछ में दूध की अपेक्षा वसा कम होती है क्योंकि मक्खन बनाने के लिए पहले ही क्रीम निकाल ली जाती है। यह विटामिन और खनिज से समृद्ध होने के साथ ही अच्छे पाचन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेट को ठंडक प्रदान करने के लिए मट्ठा बहुत उपयोगी माना जाता है। छाछ का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है

 

आइये जानते है छाछ के फायदे

होल मिल्क की तुलना में छाछ में कैलोरी और वसा दोनों बहुत ही कम पाया जाता है। छाछ में उच्च मात्रा में Potassium, Vitamin B12, Calcium, Riboflavin मौजूद होता है इसके अलावा Phosphorus का भी बढ़िया स्रोत है। छाछ ताजा या फ्रीज करके एवं पावडर के रूप में भी उपल्ब्ध है।

 

ब्लड प्रेशर घटाने में

एक स्टडी में पाया गया है कि बायोएक्टिव प्रोटीन छाछ या मट्ठे में बहुत प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को घटाने का काम करता है और जीवाणरोधी एवं एंटीवायरल प्रकृति का होता है। प्रतिदिन छाछ या मट्ठे का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और हृदय संबंधी दिक्कतें नहीं होती हैं।

 

कोलेस्ट्रॉल कम करने में

आयुर्वेद में विकारों को दूर करने के लिए छाछ का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। छाछ कोलेस्ट्रॉल को घटाने में एक प्राकृतिक औषधि का कार्य करता है औऱ सेहत को ठीक रखने के लिए अच्छा माना जाता है। प्रतिदिन छाछ का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है।

 

पेट की जलन दूर करने में

अदरक और सादे मसाले को मट्ठे में मिलाकर पीने से जलन (burning sensation) की समस्या दूर हो जाती है क्योंकि छाछ या मट्ठा पेट के एसिड रिफ्लक्स को दूर करता है और एसिडिटी नहीं होने देता है। यह पेट की लाइनिंग को भी राहत प्रदान करता है और मसालेदार एवं ऑयली भोजन खाने पर पेट को गड़बड़ होने से बचाता है।

 

कब्ज दूर करने में

पेट फूलने से बचाने में बटरमिल्क या मट्ठा एक प्राकृतिक थेरेपी का कार्य करता है। यह पेट में कब्ज नहीं बनने देता है और खराब भोजन करने के बाद भी पाचन क्रिया पर दबाव पड़ने से डायरिया के खतरे से बचाने में मदद करता है। कब्ज की परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रतिदिन एक गिलास मट्ठे का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसमें फाइबर होता है जो कब्ज जल्दी दूर कर देता है।

 

वजन घटाने में

इसमें फैट और कैलोरी नहीं पाया जाता है और पोषक तत्वों एवं एंजाइम से भरपूर होने के कारण छाछ का सेवन करने से वजन घटाने में सहायता मिलती है। रोज मट्ठा पीने से यह शरीर में पानी की भी पूर्ति करता है और ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें कैल्शियम के साथ ही पोटैशियम, प्रोटीन और विटामिन सहित कई खनिज पाये जाते हैं तो एनर्जी लेवल को बनाए रखने में मदद करते हैं और भूख को नियंत्रित रखते हैं।

 

अल्सर के इलाज में मट्ठा उपयोगी

यह पेट की लाइनिंग में जमा होने वाले एसिड को बेअसर करता है और पेट के अल्सर से सुरक्षा प्रदान करता है। यह ठंडे प्रकृति का होता है जो पेट को शीतल रखता है और पेट में अम्ल को फैलने से बचाने में मदद करता है। मट्ठा एक ऐसा पेय पदार्थ है जो अल्सर जैसी बीमारी में एक थेरेपी का कार्य करता है छाछ का सेवन करने से पेट के सभी बिकार दूर हो जाते है।

 

हीमोरॉयड के इलाज में छाछ गुणकारी

कई तरह के विकारों को दूर करने में छाछ का उपयोग तो किया ही जाता है साथ में हीमोरॉयड के इलाज में भी यह पेय पदार्थ काफी सहायक होता है। एक कप छाछ में चावल और केला मिलाकर खाने से हीमोरॉयड के रोगियों को इस बीमारी में राहत मिलती है।

 

ऑस्टियोपोरोसिस में

कैल्शियम से भरपूर होने के कारण मट्ठा का सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में राहत मिलती है। हमें प्रतिदिन एक हजार मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है, और एक कप मट्ठे का सेवन करने से 284 मिलीग्राम कैल्शियम हमें आसानी से प्राप्त हो जाता है। शरीर में पर्याप्त कैल्शियम होने से बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों के टूटने और उनमें तकलीफ समस्या नहीं होती है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से राहत मिलती है।

 

त्वचा के लिए

हमारे शरीर में कई तरह के विषाक्त पदार्थ जमा रहते हैं जिन्हें शरीर में बाहर निकालने में छाछ प्रभावी होता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और त्वचा को नमी प्रदान करता है और चेहरे की देखभाल में सहायता करता है। इसमें प्रोबायोटिक लैक्टिक एसिड होता है जो फेशियल मास्क के रूप में प्रयोग होता है और यह चेहरे पर बढ़ती उम्र के झुर्रियों को कम करता है। छाछ का सेवन करने से त्वचा सालों साल जवान रहती है।

 

छाछ के नुकसान

  • बुखार या कमजोरी की स्थिति में मट्ठे (छाछ) का सेवन करना बहुत नुकसानदायक होता है।
  • अधिक मात्रा में छाछ का सेवन करने से डायरिया एवं मिचली की समस्या हो सकती है।
  • सर्दी खांसी में छाछ का उपयोग न करें अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती है।
  • अगर आप एक्जिमा जैसी त्वचा की समस्यांओं से जूझ रहे हों तो मट्ठे के सेवन से दूर रहें।
  • यदि गुर्दे की तकलीफ या बीमारी से ग्रसित हों तो मट्ठे का सेवन न करें अन्यथा स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
  • मट्ठे में सैचुरेटेड फैट होता है और कुछ गंभीर परिस्थितियों में यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है इसलिए हृदय रोगियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
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